## ईरान संघर्ष ने भारतीय आम निर्यात को चपेट में लिया: रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों की किल्लत, मालभाड़ा आसमान पर
ईरान में बढ़ते तनाव ने भारत के आम निर्यातकों के लिए चरम सीजन में संकट पैदा कर दिया है। समुद्री मार्गों में व्यवधान और रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों की भारी कमी ने अल्फांसो और केसर जैसी प्रीमियम किस्मों के निर्यात को खतरे में डाल दिया है, जिससे निर्यातकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्य रूप से ईरान और मध्य पूर्व के बाजारों को लक्षित करने वाले निर्यातकों को लॉजिस्टिक्स में अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना है। रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों की किल्लत ने शिपिंग लागत को आसमान पर पहुंचा दिया है, जबकि मार्ग बदलने से पारगमन समय बढ़ गया है। यह संकट ऐसे समय आया है जब आम का निर्यात सीजन अपने चरम पर है और निर्यातक उच्च मूल्य वाली फसल का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस व्यवधान का सीधा असर भारत के बागवानों और निर्यात फर्मों की आय पर पड़ने की आशंका है। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो न केवल वर्तमान सीजन के निर्यात लक्ष्य प्रभावित होंगे, बल्कि भारत की वैश्विक आम आपूर्ति श्रृंखला में विश्वसनीयता को भी झटका लग सकता है। निर्यातकों पर दोहरा दबाव है: एक तरफ बढ़ी हुई लागत, दूसरी तरफ समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने का दबाव।
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- **Source**: LiveMint Hindi
- **Sector**: The Network
- **Tags**: ईरान, आम निर्यात, लॉजिस्टिक्स संकट, मालभाड़ा, कृषि निर्यात
- **Credibility**: unverified
- **Published**: 2026-04-12 10:02:54
- **ID**: 60538
- **URL**: https://whisperx.ai/en/intel/60538